Pehla Kalma Tayyab in Arabic : पहला कलमा तय्यब अरबी में

Pehla Kalma Tayyab Hindi me : पहला कलमा तय्यब हिंदी में

तरजुमा:- अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं और मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं |
pehle kalme ki Fazeelate Hadeeso ke sath : पहले कलमें की फज़ीलतें हदीसों के साथ:-
यह कलमा हदीस मुबारक से साबित है

तरजुमा:- कंज़ुल अ़माल में है ” जब अल्लाह तआ़ला ने जन्नत अ़द्न को पैदा फरमाया (और अल्लाह तआला की यही सबसे पहली तख़लीक़ है) तो उसे बात करने का हुकुम फरमाया तो जन्नत कहने लगी अल्लाह तआला के सिवा कोई माबूद नहीं है और मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं |
बेशक मोमिन कामयाब हो गए और वह शख्स कामयाबी पा गया जो उस में दाखिल हो गया, और बदबख्त है वह इंसान जो जहन्नम में दाखिल हुआ |

तरजुमा:- और कंज़ुल अ़माल ही में है-
“ला इलाहा इल्लल्लाहु मुह़म्मदुर्रसूलुल्लाह” जो शख़्स यह कलमा पढ़ ले अल्लाह तआ़ला फरमाता है, मैं उसे हरगिज़ अ़ज़ाब नहीं दूंगा |

तरजुमा:-
हज़रत इब्ने अब्बास रज़िअल्लाहुतआ़ला अन्हु से रिवायत है आप सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि अल्लाह तआला ने हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की तरफ “वह़ी” फ़रमाई
ऐ ईसा मुह़म्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम पर ईमान ला और हर उस शख़्स को यही हुकुम दे जो तुझ पर ईमान ले आए क्योंकि अगर मुहम्मद ना होते तो मैं आदम को पैदा ना फरमाता और ना ही मैं जन्नत दोज़ख़ बनाता और जब मैंने अपना अर्श पानी पर रखा तो वह हिलने लगा, फिर मैंने उस पर लिख दिया “ला इलाहा इलल्लाह मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह” तो वह रुक गया यह हदीस सही़ह़ुली स्नाद है |
हज़रत अबू हुरैरा रज़िअल्लाहुतआ़लाअन्हु से रिवायत है, “आप सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया- “अल्लाह तआ़ला ने अपनी किताब को नाज़िल फरमाया तो तकब्बुर करने वाली एक क़ौम का ज़िक्र किया यक़ीनन जब उन्हें ला इलाहा इलल्लाह कहा जाता है तो तकब्बुर करते हैं , और अल्लाह तआला ने फरमाया जब कुफ्र करने वालों ने अपने दिलों में जाहिलियत वाली ज़िद रखी तो अल्लाह तआला ने अपना सुकून और इत्मिनान अपने रसूल और मोमिनो पर उतारा और उनके लिए कलिमतुत्तकवा को लाज़िम करार दिया, वह उसके ज़्यादा मुस्तहिक़ और अहल थे, और वह कलिमतुत्तकवा ला इलाहा इल्लल्लाहु मुह़म्मदुर्रसूलुल्लाह है |
हुदैबिया वाले दिन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम ने मुद्दत मुकर्रर करने वाले फैसले में मुशरिकीन से मुआ़हिदा किया था, तो मुश्रीकीन ने इस कलमें से तकब्बुर किया |
नोट! यह हदीस बिल्कुल सही है, उसकी सनद के सारे रावी सच्चे और भरोसा करने के लायक हैं |
Tamam duniyan se ziyada mahboob amal : तमाम दुनियां से ज़्यादा महबूब अमल
सैय्यदिना अबू हुरैरा रज़िअल्लाहुतआ़ला अन्हु से रिवायत है, कि नबीये करीम सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैही वसल्लम ने फरमाया, मैं यह कलिमात कहूं सुबह़ान अल्लाह, अलहमदुलिल्ला, ला इलाहा इल्लल्लाह, अल्लाह हू अकबर, तो यह मेरे नज़दीक उन सब चीज़ों से बेहतर है, जिन पर सूरज तुलु होता है| (यानी सारी दुनिया से ज़्यादा महबूब है )
Tamam zikro se behtar : तमाम ज़िक्रों से बेहतर
हज़रत जाबिर रज़िअल्लाहुतआ़ला अन्हु से रिवायत है नबीये करीम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया, “तमाम अज़कार में अफज़ल “ला इलाहा इल्लल्लाह” है और तमाम दुआओं में अफज़ल “अल्हम्दुलिल्लाह” है |
Shafat ka Haqdar kon : शफाअ़त का हक़दार कौन
हज़रत अबू हुरैरा रज़िअल्लाहुतआ़लाअन्हु से रिवायत है, वह फरमाते हैं मैंने आक़ा-ए-दो जहां से पूछा कि क़यामत के दिन आपकी शफाअ़त से सबसे ज़्यादा फायदा उठाने वाला कौन होगा, हुज़ूर नबीये अकरम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया जो दिल के खुलूस के साथ ला इलाहा इलल्लाह कहेगा वह मेरी शफाअ़त से ज़्यादा फायदा उठाने वाला होगा |
Iman ki tajdeed : ईमान की तजदीद
हज़रत अबू हुरैरा रज़िअल्लाहुतआ़लाअन्हु से रिवायत है, “आप सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया- ” तुम अपने ईमान की तजदीद करते रहा करो हमने अर्ज़ की या रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम हम अपने ईमान की तजदीद कैसे करें तो आप सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया “ला इलाहा इलल्लाह” कसरत से पढ़ा करो |
Jannat ki chabiyan : जन्नत की चाबियां
हजरत मुआ़ज़ बिन जबल रज़िअल्लाहुतआ़ला अन्हु से रिवायत है हुज़ूर नबीये अकरम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि “ला इलाहा इल्लल्लाह” की शहादत (गवाही) जन्नत की कुंजियां( चाबियां) हैं |
Kalme se neki ka palla bhari : कलमे से नेकी का पल्ला भारी
हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर रज़िअल्लाहुतआ़ला अन्हु से रिवायत है नबीये करीम सल्लल्लाहो तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया “अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त क़यामत के दिन उस शख्स को बुलाएगा, कि जिसके नाम-ए- आ़माल गुनाहों से भरे पड़े होंगे तो अल्लाह तआ़ला उससे पूछेगा क्या तेरे पास कोई उज़्र है तो वह कहेगा मौला मेरे पास कोई उज़्र नहीं है तो फिर एक कागज़ का पर्चा लाया जाएगा और उसके 99 अमाल जो गुनाहों से भरे पड़े होंगे तराज़ू के एक पल्ले में रखे जाएंगे, और वह टुकड़ा एक पल्ले मैं रखा जाएगा, कलमा शहादत वाला यह परचा उसके बुरे आ़मालों पर भारी पड़ जाएगा| और उसको माफी मिल जाएगी, और वह जन्नत का हक़दार हो जाएगा” |
Asmano ke darwaze khul gae : आसमानों के दरवाज़े खुल गए
ह़ुज़ूर नबीये करीम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसने ख़ुलूस के साथ “ला इलाहा इलल्लाह” कहा वह जन्नत में दाखिल होगा किसी ने पूछा खुलूस क्या है? आप सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया हराम कामों से रुक जाए |
ह़ुज़ूर नबीये करीम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया जब भी कोई शख्स ला इलाहा इलल्लाह कहता है, तो उसके लिए आसमानों के दरवाज़े खोल दिए जाते हैं, यहाँ तक कि यह कलमा आर्श तक पहुंचता है बशर्ते के वह शख्स ह़राम कामों से बचा रहे |
Shaitan ki khatarnak chal se bachne ka tareeqa : शैतान की खतरनाक चाल से बचने का तरीका
शफीकउ़ल मुस्लिमीन ने इरशाद फरमाया “ला इलाहा इलल्लाह” और “इस्तिग़फार” कसरत से पढ़ा करो क्योंकि शैतान कहता है मैंने लोगों को गुनाहों से हलाक किया लोगों ने मुझे “ला इलाहा इलल्लाह” और “इस्तिग़फार” से हलाक कर दिया, जब मैंने यह हाल देखा तो मैंने उन्हें नफ़्स की ख्वाहिशों में डाल दिया, जबकि वह अपने आपको ग़लतफहमी में हिदायत पर ही समझते रहे |
Conclusions
आज हमने इस पोस्ट में पहला कलमा तय्यब के बारे में बात की है, हमने बताया है की दूसरे कलमे का तरजुमा क्या होता है, पहला कलमा तय्यब की फज़ीलते क्या है।
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इस पोस्ट को लिखने मैं या कहने में कोई गलती हो गई हो तो अल्लाह से दुआ है की वो सरकारे मदीना सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सदके से गलती को माफ कर दे।